अनेकार्थक शब्द | Anekarthi shabd in hindi pdf

अनेकार्थक शब्द Anekarthi Shabd In Hindi Pdf की इस पोस्ट में परीक्षा में आने वाले महत्वपूर्ण अनेकार्थी शब्दों का समावेश किया गया है|

Contents

Anekarthi Shabd In Hindi Pdf

  • अंक – नाटक के अङ्क, चिह्न, 1 से 9 तक की गणना, शरीर, पाप, बार, भाग्य, अक्षर, गोद, धब्बा, परिच्छेद, स्थान।
  • अर्क – सूर्य, इन्द्र, स्फटिक, काढ़ा, मदार का पौधा।
  • अक्षर – नाशरहित, सत्य, मोक्ष, वर्ण, आकाश, आत्मार्थ, धर्म।
  • अमृत – जल, पारा, दूध, अन्न, स्वर्ण, गिलोय।
  • अम्बर – वस्त्र, आकाश, एक नगर, मेघ।
  • अरुण – सूर्य, रक्तवर्ण, लाल, शब्दरहित, सिन्दूर, गुड़, सूर्य का सारथी, कपास, एक इत्र, अभ्रक, कुष्ठरोग-विशेष।
  • अर्थ – धन, अभिप्राय, इन्द्रिय-विषयक, मतलब।
  • अतिथि – मेहमान, साधु, यात्री, अग्नि, कुश का पुत्र, अपरिचित, व्यक्ति।
  • अक्ष – चौसर के पासे, आँख, सूर्य, सर्प, पहिया, आत्मा।
  • अम्बुज – बेत, वज्र, ब्रह्मा, शंख, कमल।
  • अज – दशरथ के पिता का नाम, ब्रह्मा, जीव, बकरा।
  • अर्जुन – एक वृक्ष, मोर, इकलौता बेटा, सहस्रार्जुन, पाँचों पाण्डवों में से एक।
  • अनंत – विष्णु, आकाश, शेषनाग।
  • अपेक्षा – आशा, इच्छा, बनिस्पत, आवश्यकता।
  • अधर – नीचा, शून्य, मध्य, ओंठ।
  • अलि – भौंरा, बिच्छू, कुत्ता, मदिरा, कोयल, कौआ।
  • अपवाद – कलंक, नियम के विरुद्ध।
  • आत्मा – परमात्मा, स्वरूप, ब्रह्मा, सूर्य, अग्नि।
  • आब – इज्जत, पानी, चमक।
  • आपत्ति – एतराज, विपत्ति
  • आम – एक फल ‘आम’, मामूली, सर्वसाधारण।
  • इड़ा – पृथ्वी, गाय, अन्न, स्वर्ण, दुर्गा, नाड़ी-विशेष, वाणी, स्तुति।
  • इंद्र – प्रतापी, सूर्य, बिजली, स्वामी, ज्येष्ठा नक्षत्र, दायीं आँख की पुतली, श्रेष्ठ, बड़ा, देवताओं का राजा।
  • इंदु – चन्द्रमा, कपूर, गणित में एक की संख्या।
  • ईश – स्वामी, ईश्वर, आर्द्रा नक्षत्र, एक उपनिषद, पारा, कुबेर, पति।
  • ईशान – अधिपति, महादेव, ग्यारह की संख्या, महादेव, पूर्व और उत्तर के बीच का कोना, शमी-वृक्ष, विष्णु, दीप्ति।
  • उमा – अलसी, कीर्ति, कान्ति, पार्वती, दुर्गा, हल्दी।
  • उत्तर – उत्तर दिशा, बदला, जवाब, पश्चात्ताप।
  • ऋक्ष – भालू, नक्षत्र, शौनक वृक्ष, तारा, रैवतक पर्वत का एक अंश।
  • ऋतु – सत्य, यथार्थ, जल, मोक्ष, वृत्ति-विशेष, मौसम।
  • ऐरावत – एक नाग का नाम, इन्द्रधनुष, बिजली, इन्द्र का हाथी।
  • कर्ण – समकोण, कान, कुन्ती का पुत्र, त्रिभुज में समकोण के सामने की भुजा।
  • कनक – टेसू, पलाश, खजूर, सोना, धतूरा।
  • कर – कर टैक्स, सैंड, किरण, हाथ।
  • कल – श्रेष्ठ, मशीन, आराम, सुन्दर दिन, आज से अगला दिन, पिछला दिन, अस्फुट, मधुर ध्वनि।
  • कलि – चार युगों में से चौथा युग, सूरमा, संग्राम, काला, कलह, दु: ख, पाप।
  • कोट – रंग चढ़ाने की प्रक्रिया, गढ़, परकोटा, पहनने का वस्त्र।
  • काल – यमराज, अकाल, समय, मृत्यु।
  • कला – चंद्रमा का सोलहवाँ भाग, अंश, गुण।
  • कुशल – खैरियत, चतुर।
  • कुंभ – हाथी का मस्तक, घड़ा।
  • कूट – छल-कपट, पर्वत-शिखर, कागज।
  • कोटि – धनुष का सिरा, करोड़, श्रेणी।
  • कृष्ण – अंधकार, कौआ, वासुदेव-पुत्र, काला।
  • केतु – ज्ञान, चमक, एक ग्रह, ध्वजा, निशान।
  • केश – किरण, बाल, विष्णु, विश्व।
  • क्रिया – श्राद्ध, कार्य, व्यवहार, व्यापार, उपाय।
  • खग – सूर्य, बाण, ग्रह, बादल, देवता, चंद्रमा, पक्षी, वायु।
  • खर – गधा, दुष्ट, प्रखर, तिनका, एक राक्षस।
  • गण – समूह, छंदशास्त्र के आठ गण, रुद्र के अनुचर, सेना।
  • गति – स्थिति, मोक्ष, चाल।
  • गुण – प्रत्यंचा, विशेषता, स्वभाव, कौशल, रस्सी।
  • गुरु – दो मात्रावाला स्वर, बृहस्पति, श्रेष्ठ, भारी, शिक्षक, बड़ा।
  • ग्रह – लेना, अनुग्रह, कृपा, ग्रहण, राहु, छोटे बच्चों का रोग, तारे, नौ की संख्या।
  • घट – शरीर, घड़ा, कम।
  • घन – बादल, गणित में किसी संख्या को उसी संख्या से तीन बार गुणा करना, भारी हथौड़ा, घना।
  • चक्र – पहिया, कुम्हार का चाक, चक्की, कोल्हू, कोई गोल वस्तु, एक अस्त्र, एक प्रकार का व्यूह, मण्डल, प्रदेश, चक्रवाक पक्षी, योग के अनुसार शरीर में स्थित चक्र, पानी का भँवर, बवण्डरसमूह, फेरा, दिशा, एक वर्ण-वृत्त।
  • चन्द्र – चन्द्रमा, चन्द्रिका, कपूर, जल, सोना, भूगोल का एक उपद्वीप, साधु, नासिक्य वर्ण की (ऊपर) बिन्दी, पिङ्गल का एक भेद, हीरा, आनन्ददायक वस्तु, एक की संख्या, मोर की पूँछ।
  • चपला – लक्ष्मी, वेश्या, बिजली, चञ्चल स्त्री।
  • चरण – पैर, बड़ों का सङ्ग, गोत्र, कम, आचार, सूर्य आदि की किरणें, अनुष्ठान, किसी छन्द का एक पद, किसी चीज का चौथाई, भाग।
  • चारा – उपाय, घास।
  • चश्मा – झरना, ऐनक।
  • छद – रंग, अभिप्राय, एकांत, पदादि, जल, वेद।
  • जलज – मछली, चन्द्रमा, कमल, मोती, शंख, शैवाल।
  • जगत – संसार, शंकर, टेक, वायु।
  • जलधर – समुद्र, बादल।
  • जाल – जानवरों को पकड़ने हेतु रस्सी की बुनावट, माया, छल, जाला।
  • जीवन – आजीविका, पुत्र, गंगा,जल, प्राण।
  • तत्व – सूक्ष्मज्ञान , परिणाम, धर्म, उद्देश्य, सार, सत्य।
  • तम – तमोगुण, राहू, अज्ञान, पाप, तमाल वृक्ष, अंधकार।
  • तल – महादेव, स्वभाव, हथेली, वन, नीचे, खंड, तला।
  • तारा – बृहस्पति की पत्नी, नक्षत्र, आँख की पुतली, बालि की पत्नी।
  • ताल – जलाशय, ताड़वृक्ष, संगीत में ताल।
  • तीर – निकट, बाण, सरोवर, किनारा।
  • तंत्र – ताँत, सूत, जुलाहा, औषध, झाड़ने-फूंकने की क्रिया, कारण, सेना, धन हिन्दुओं का उपासना सम्बन्धी शास्त्र, कपड़ा, निश्चित सिद्धान्त, प्रमाण।
  • तिलक – श्रेष्ठ व्यक्ति, घोड़े की एक विशेष जाति, ग्रन्थ की व्याख्या, टीका. राज्याभिषेक, एक गहना।
  • टीका – व्याख्या, धब्बा, तिलक, फलदान, बदनामी का टीका।
  • द्विज – पक्षी, ब्राह्मण, अण्डज, प्राणी, चन्द्रमा, दाँत, तारा, क्षत्रिय, वैश्य।
  • दक्षिण – चतुर, सरल, उदार, अनुकूल, दक्षिण दिशा, दाहिना।
  • दंड – यमराज, सेना, डंडा, सजा, साठ पल की समयावधि।
  • द्वद्व – एक समास-विशेष, रहस्य, जोड़, कलह।
  • दोण – द्रोणाचार्य, एक पर्वत, लकड़ी का रथ, बिच्छू, कौआ, दोना।
  • धनञ्जय – अर्जुन का नाम, अर्जुन वृक्ष, अग्नि, चित्रक, वृक्ष, विष्णु, शरीर की पञ्चवायु में से एक।
  • धन – संपत्ति, स्त्री, जोड़ (+)।
  • धर्म – यज्ञ, न्याय, रीति, व्यवस्था, संप्रदाय, कर्तव्य, स्वभाव, आचार, कर्म, शुभ।
  • धातु – अष्टधातु, व्याकरण के धातु, प्रकृति, वीर्य, स्वर्ग।
  • ध्रुव – नित्य, ध्रुवतारा 1, स्थिर, विष्णु भक्त, विष्णु।
  • निशाचर – नायक नाक-मुखिया प्रेत नासिका, राक्षस,, नाटक प्रतिष्ठा, चोर का,, उल्लू स्वर्ग मुख्य,। मगर पात्र की, सेनापति जाति,, शोभा छोटा की सेनाधिकारी वस्तु, एक। जल-जन्तु।
  • नीलकण्ठ – शिव, मोर, एक पक्षी-विशेष।
  • नग – पहाड़, जड़, पदार्थ, वृक्ष, नगीना।
  • नव – नौ की संख्या, नया।
  • नाग – वायु का एक भेद, साँप, हाथी।
  • निर्वाण – मृत्यु, संगम, शून्य, विश्राम, मोक्ष।
  • पति – स्वामी, दूल्हा, ईश्वर, प्रतिष्ठा।
  • प्रभाव – असर, महिमा, सामर्थ्य, दबाब
  • पतंग – पतंगा, गुड्डी, पक्षी, टिड्डी, सूर्य
  • पक्ष – दल, ओर, बल, वाद का एक रूप, पखवाडा, पंख|
  • पट – स्थान, मुख्य, यवनिका, किवाड़, वस्त्र|
  • पत्र – पत्ता, चिट्ठी, पंख|
  • पद्म – कमल, सर्प विशेष, श्रीराम, संख्या विशेष।
  • पद – किसी छंद का चतुर्थांश, स्थान, चिह्न, पाँव, विभक्तियुक्त शब्द।
  • पय – पानी, दूधा
  • पान – तंबाकू, पीना, पत्ता।
  • पानी – इन्जत, जल, चमक।
  • पिंड – गोल, जीविका, पितरों के लिए देय, शरीर।
  • पुष्कर – आकाश, बाण, कमल, पुष्कर नाम का एक तीर्थ, हाथी की सैंड के आगे का भाग, तालाब।
  • पृष्ठ – पीछे का भाग, पीठ, पन्ना।
  • प्रकृति – खजाना, जन्म, स्वामी, मित्र, राज्य, माया, धर्म, स्वभाव।
  • प्रत्यय – निश्चय, कारण, विश्वास, ज्ञान, शब्द के बाद में जुड़नेवाला शब्दांश।
  • प्रसव – फूल, फल, जन्म।
  • प्राण – ब्रह्मा, ईश्वर, प्राण वायु, जीव।
  • फल – चर्म, संतान, मेवा, ढाल, परिणाम, वृक्ष से प्राप्त होने वाला खाद्य।
  • बंसी – मछली फंसाने का काँटा, विष्णु, कृष्णादि के चरण-चिह्न, विष्णु, बाँसुरी।
  • भगवान – ईश्वर, पूज्य, ज्ञान और वैराग्य से सम्पन्न, ऐश्वर्यशाली, महापुरुष।
  • भौर – भार भौंरा, पानी का भंवर।
  • महावीर – 24 वें जैन तीर्थङ्कर, हनुमान, बहुत बलवान।
  • माया – भ्रम, दौलत, जिसका अस्तित्व न हो, इन्द्रजाल, भगवान की लीला।
  • मुद्रा – छाया, चिह्न, आकृति, सिक्का, मुहर, अँगूठी।
  • मधु – बसंत ऋतु, शराब, पराग, शहद।
  • मान – नाप-तौल, इज्जत, अभिमान।
  • मित्र – सहयोगी 1, प्रिय, सूर्य, दोस्त।
  • लगन – प्रेम, धुन, लौ, लग्न (मुहूर्त)।
  • लक्ष्य – उद्देश्य, निशाना।
  • वर – आशीर्वाद, दूल्हा, वरदान, श्रेष्ठ।
  • वाणी – सरस्वती, शब्द, वचन, स्वर, सरकंडा, सार्थक, रसना, प्रशंसा, बुनाई।
  • वन – जंगल, बाग, रश्मि, झरना, फूलों का गुच्छा, पद्यों का समूह, संन्यासियों की एक उपाधि, काठ का पात्र।
  • वृत्ति – रोजी, सहायतार्थ धन, स्वभाव, रुझान, पेशा।
  • वर्ग – गणित की एक क्रिया, समूह, जाति।
  • वर्ण – ब्राहमण आदि चार वर्ण, अक्षर, रंग, जाति, गुण, कीर्ति, स्तुति।
  • वर्तमान – प्रचलित, समय, विद्यमान।
  • वर्ष – साल, पृथ्वी का एक खंड, दृष्टि, संवत्।
  • विग्रह – लड़ाई, देवता की मूर्ति, शरीर।
  • ब्याज – छल, सूद, बहाना (ब्याज)।
  • योग – मेल, लगाव, ध्यान, मन की साधना, कुल जोड़, शुभ काल।
  • रस – निचोड़, स्वाद, काव्य के नौ रस, भोजन के छह रस, प्रेम, अर्क, तत्त्व, पारा, मेल, आनन्द, सत्त, धातु का भस्म।
  • रूख – चेहरा, मनोभाव, रुझान, शतरंज का मोहरा, तरफ, सामने का भाग।
  • लहर – तरंग, उमंग, झोंका, झूलना।
  • लाल – बेटा, छोटा, लाड़-प्यार, चाह, रक्तवर्ण, अत्यन्त क्रुद्ध, एक छोटी चिड़िया, प्रिय, बालक, श्री कृष्ण।
  • लोक – भुवन, लोग, जनता।
  • शिव – भाग्यशाली, मंगल, महादेव, कल्याण।
  • शकल – छिलका, चिह्न, भाग, आकृति।
  • शुद्ध – पवित्र, ठीक, जिसमें मिलावट न हो।
  • शेष – सीमा, बचा हुआ, अंत, सर्प।
  • श्री – कुंकुम, वाणी, संपदा, लक्ष्मी, शोभा, सरस्वती।
  • श्रुति – कान, सुनना, वाद, वेद।
  • संज्ञा – ज्ञान, नाम, संकेत, चेतना।
  • सर – तालाब, पराजित, सिर।
  • सैन्धव – एक प्रकार के नमक का प्रकार, घोड़ा।
  • संधि – जोड़, पारस्परिक, निश्चय, सेंध, नाटक के वाक्यांश, व्याकरण में अक्षरा का मेल, युगों का मिलन।
  • सम्बन्ध – ताल्लुक, मेल-जोल, जोड़, रिश्ता, व्याकरण में छठा कारक।
  • सारंग – चित्रमृग, सिंह, हाथी, कामदेव, कोयल, सुन्दर, कपूर, पानी, कमल, स्त्री, चातक, मोर, बाज, घोड़ा, सूर्य, हंस, स्वर्ण, भौंरा, बादल, चन्द्र, सप, राग-विशेष, धनुष, समुद्र, शंख, सरोवर, कपोत, अंजन Anekarthi Shabd In Hindi Pdf
  • सोम – एक देवता, अमृत, वायु, जल, चन्द्रमा, सोमवार, कुबेर, यम, स्वर्ग।
  • हंस – प्राण, विष्णु, पक्षी विशेष (मराल पक्षी), सूर्य, आत्मा, शिव, ब्रह्मा।
  • हरी – चाँद, किरण, हंस, आग, हाथी, कामदेव, विष्णु इन्द्र, सूर्य, घोड़ा।
  • हस्ती – हैसियत, हाथी, अस्तित्व।
  • हेम – इज्जत, पीला रंग, बर्फ, स्वर्ण।
  • हलधर – किसान, बैल, बलराम।
  • हीन – रहित, निकृष्ट, दीन।
  • खल – दवा कूटने का पात्र, दुष्ट, तलछट, खरल, चुगलखोर, धतुरा
  • गो – गय, किरण, वृष राशी, चन्द्रमा, वान , आकाश, स्वर्ग घोडा, सूर्य, जल Anekarthi Shabd In Hindi Pdf

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