क्रिया विशेषण की परिभाषा और भेद | kriya visheshan ki paribhasha or bhed

प्रिय विद्यार्थियों क्रिया विशेषण की परिभाषा और भेद (Kriya Visheshan Ki Paribhasha Or Bhed) की इस पोस्ट में क्रिया विशेषण की परिभाषा क्या है?क्रिया विशेषण कितने प्रकार के होते है? और क्रिया विशेषण के भेदों को उदाहरन सहित समझाया गया है| यह पोस्ट REET, CTET, UPTET, NET, V.D.O., PATWAR, RPSC 1st GRADE, 2nd GRADE के अभ्यर्थियों के लिए अति महत्वपूर्ण साबित होगी|

Kriya Visheshan Ki Paribhasha Or Bhed

क्रिया विशेषण की परिभाषा

वह अविकारी शब्द जो क्रिया की विशेषता बताते है, क्रिया विशेषण कहलाते है|
:- वाक्य में इनको क्रिया से पहले लिखा जाता है|
जैसे:- राधा तेज चलती है|

क्रिया विशेषण के महत्व

  • एक क्रिया विशेषण दुसरे क्रिया विशेषण की विशेषता बताता है|
    जैसे:- ज्यादा बुद्धिमान बालक ज्यादा देर टक पढ़ता है|
  • क्रिया विशेषण क्रिया के होने की निश्चितता बताते है|
    जैसे:- राम जरुर आएगा|
  • क्रिया विशेषण क्रिया के होने की अनिश्चतता भी बताते है|
    जैसे:-राम शायद आएगा|
  • क्री.वि. क्रिया के होने की स्वीकृति का बोध कराते है|
    जैसे:-हाँ जाओ |
  • क्री.वि. क्रिया के होने की निषेधता भी बताते है|
    जैसे:-मत जाओ|
  • क्री.वि. क्रिया के होने की दिशा का बोध कराते है
    जैसे:-इधर आओ| /ऊपर देखो|
  • क्री.वि. क्रिया के होने का स्थान भी बताते है|
    जैसे:-बिल्ली मेज पर बैठी है|
  • क्री.वि. क्रिया के होने का समय भी बताते है|
    जैसे:- सोनू रोजाना चार बजे उठता है|
  • क्री.वि. क्रिया के होने की मात्रा भी बताते है|
    जैसे:-राम खूब पढ़ता है|
  • क्री.वि. क्रिया के होने का तरीका भी बताते है|
    जैसे:-गोलिया धडाधड चली|

CLICK NOW:- RPSC 1st Grade 1st Paper Syllabus In Hindi PDF

CLICK NOW:- RPSC 2nd Grade 1st Paper Syllabus In Hindi PDF

क्रिया विशेषण के प्रकार

क्रिया विशेषण के 4 प्रकार होते है|
1. कालवाचक क्रिया विशेषण
2. स्थानवाचक क्रियाविशेष्ण
3. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
4. कालवाचक क्रियाविशेषण

1. कालवाचक क्रिया विशेषण

क्रिया के सम्पादित होने का समय बताने वाले क्रिया विशेषण, कालवाचक क्रिया विशेषण कहलाते है|
जैसे:- कल, जब, लगातार, अब, तब, पहले, बाद आदि
1. मै प्रत्येक मंगलवार मन्दिर जाता हु|
2. आज मेरी परीक्षा है|

2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण

क्रिया के होने का स्थान व दिशा का बोध करने वाले क्रिया विशेषण को स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहते है|
जसे:- यंहा, वंहा, कंही,ऊपर, निचे, पास, दूर, अंदर, बाहर, सामने, निकट आदि|
1. राम कक्षा में बैठा है|
2. बिल्ली छत पर बैठी है|

3. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण

वे क्रिया विशेषण जो क्रिया के होने की मात्रा का बोध कराते है, परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहलाते है|
जैसे:- ज्यादा, कम, जरा सा, थोड़ा, बहुत, खूब, कितने, उतना, जितना आदि
1. राम ज्यादा पढ़ता है|
2. राधा कम खेलती है|

4. रीतीवाचक क्रियाविशेषण

क्रिया के सम्पादित होने का ढंग या तरीका बताने वाले क्रिया विशेषण शब्द रीतीवाचक क्रिया विशेषण कहलाते है|
जैसे:- फटाफट, धीरे-धीरे, तेज, झटपट, धडाधड, सरपट आदि|
1. बस फटाफट भर गई|
2. तुम बहुत धीरे-धीरे चलते हो|

FAQ

1. क्रिया विशेषण किसे कहते है?

उत्तर:- वह अविकारी शब्द जो क्रिया की विशेषता बताते है, क्रिया विशेषण कहलाते है|

2. क्रिया विशेषण किते प्रकार के होते है?

उत्तर:- क्रिया विशेषण चार प्रकार के होते है|
1. कालवाचक क्रिया विशेषण
2. स्थानवाचक क्रियाविशेष्ण
3. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
4. कालवाचक क्रियाविशेषण

3. कालवाचक क्रिया विशेषण किसे कहते है?

उत्तर:- क्रिया के सम्पादित होने का समय बताने वाले क्रिया विशेषण, कालवाचक क्रिया विशेषण कहलाते है|

4. स्थानवाचक क्रिया विशेषण किसे कहते है?

उत्तर:- क्रिया के होने का स्थान व दिशा का बोध करने वाले क्रिया विशेषण को स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहते है|

5. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण किसे कहते है?

उत्तर:- वे क्रिया विशेषण जो क्रिया के होने की मात्रा का बोध कराते है, परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहलाते है|

6. रीतीवाचक क्रिया विशेषण किसे कहते है?

उत्तर:- क्रिया के सम्पादित होने का ढंग या तरीका बताने वाले क्रिया विशेषण शब्द रीतीवाचक क्रिया विशेषण कहलाते है|

Leave a Reply

%d bloggers like this: